जुआ कांड में पकड़े गए पंचायत सचिव पर अब तक कार्रवाई नहीं, प्रशासनिक चुप्पी पर उठे सवाल

जुआ कांड में पकड़े गए पंचायत सचिव पर अब तक कार्रवाई नहीं, प्रशासनिक चुप्पी पर उठे सवाल..!
मरवाही।जनपद पंचायत मरवाही अंतर्गत ग्राम पंचायत अमेरा में पदस्थ पंचायत सचिव के जुआ खेलते हुए पकड़े जाने के बावजूद अब तक कोई विभागीय कार्रवाई न होने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लग गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते दिनों मरवाही थाना क्षेत्र के दानी कुंडी के आसपास जुआ खेले जाने की सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की थी। इस दौरान कुल 11 लोगों को जुआ खेलते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया, जिनमें जनपद पंचायत मरवाही के अंतर्गत पदस्थ पंचायत सचिव भी शामिल बताए जा रहे हैं।
पुलिस द्वारा सभी आरोपियों के विरुद्ध जुआ अधिनियम के तहत विधिवत एफआईआर दर्ज की गई है, जो वर्तमान में रिकॉर्ड पर दर्ज है। इसके बावजूद पंचायत सचिव के विरुद्ध अब तक न तो निलंबन की कार्रवाई की गई है और न ही किसी प्रकार की विभागीय जांच प्रारंभ किए जाने की आधिकारिक जानकारी सामने आई है।

एफआईआर के बाद भी कार्रवाई नहीं, उठ रहे सवाल
प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि किसी शासकीय कर्मचारी के आपराधिक प्रकरण में संलिप्त पाए जाने पर सामान्यतः विभागीय स्तर पर प्रारंभिक कार्रवाई की जाती है। विशेष रूप से पंचायत सचिव जैसे पद, जो पंचायत निधि और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े होते हैं, वहां अनुशासनात्मक प्रक्रिया का आरंभ न होना कई सवाल खड़े करता है।

इस पूरे प्रकरण में जनपद पंचायत मरवाही के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) विनय कुमार सागर की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं। पुलिस कार्रवाई और एफआईआर दर्ज होने के बाद भी यदि विभागीय स्तर पर कोई कदम नहीं उठाया गया है, तो इसके कारणों को लेकर आमजन और जनप्रतिनिधियों के बीच सवाल उठना स्वाभाविक माना जा रहा है।
समान कार्रवाई का सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस द्वारा सभी आरोपियों के विरुद्ध समान रूप से कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई, लेकिन जब मामले में शासकीय कर्मचारी का नाम सामने आया, तब प्रशासनिक कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई। इससे प्रशासन की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ रहे हैं और ईमानदारी से कार्य करने वाले कर्मचारियों के मनोबल पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।
यह मामला अब जिला स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग पूरे प्रकरण में स्पष्टता एवं निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।
इसकी पुष्टि हम नहीं करते (मीडिया रिपोर्ट के अनुसार)















